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How to Hide Photos In Google Photo – गूगल फोटोज में फोटो कैसे छुपाएँ ?

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दोस्तों अक्सर ही हमें कभी न कभी ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जब हमे अपने फ़ोन के कुछ सेंसिटिव या फिर कहे कुछ ख़ास फोटोज और विडियो को सभी की नजरो से छुपाकर रखना पड़ सकता है। फिर चाहे वह आपके पार्टनर की फोटोज हो य फिर आपके कुछ ख़ास पलो या कहे कुछ जरूरी दस्तावेज के फोटोग्राफ या विडियो भी हो सकते है। तो आज मैं आपको बताने वाला हूँ कि आप Google Photos app में ही अपने फोटोज और वीडियोस को कैसे छुपाकर रखेंगे? How to Hide Photos In Google Photo

जी हाँ आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा है अब आप Google Photos app में ही अपने सेंसिटिव और ख़ास अथवा जरूरी फोटोज को छुपाकर रख सकते है और उसे एक्सेस भी कर सकते है। अभी हाल ही में इस फीचर को गूगल की तरफ से पेश किया गया है जो यूजर्स को काफी ज्यादा पसंद आ रहा है तो चलिए इस फीचर के बारे में विस्तार से जान लेते है और समझते है कि कैसे आप How to Hide Photos In Google Photo  गूगल फोटोज एप्प में ही फोटोज और विडियो को हाईड कर सकते है?

How to Hide Photos In Google Photo?

अब आप बड़ी ही आसानी से Google Photos के इस नए फीचर से अपने किसी भी फोटो या विडियो को आसानी से Hide कर सकते है। गूगल की तरफ से इस ख़ास फीचर को नाम दिया गया है Lock Folder. लॉक फोल्डर फीचर की मदद से आप अपने सभी फोटो को आसानी से गूगल फोटो एप्प में ही हाईड कर सकते है।

सबसे ज्यादा ख़ास बात यह है कि Hide की हुई फोटो या फिर विडियो आपकी फोटो गैलरी या फिर आपके फ़ोन के स्टोरेज में भी नही शो होगी तो यह कह सकते है कि यह पूरी तरह से Hide हो जाएगी।

How to Use Lock Folder – लॉक फोल्डर को कैसे इस्तेमाल करे ?

तो चलिए अब बात करते है कि आप किस प्रकार से Google Photos के इस Lock Folder का इस्तेमाल कर सकेंगे?

सबसे पहले यह जरूरी है कि आपके फ़ोन में कोई न कोई पासवर्ड लगा हो। वह पासवर्ड फिंगरप्रिंट, पैटर्न या फिर पिन किसी भी प्रकार का हो सकता है क्योकि आपके फ़ोन में लगे हुए पासवर्ड से ही आप Google Photos के इस Lock Folder को एक्सेस कर सकेंगे। How to Hide Photos In Google Photo

अर्थात यह जरूरी है कि आपके फ़ोन में किसी भी प्रकार का पासवर्ड लगा होना चाहिए। आपके फ़ोन को अनलॉक करने वाला पासवर्ड और गूगल के लॉक फोल्डर का पासवर्ड एक ही होगा।

Step to Use Lock Folder – लॉक फोल्डर को इस्तेमाल करने के चरण :-

अब मैं आपको बताता हूँ कि आप किस तरह से अपने प्राइवेट या जरूरी फोटो को लॉक फोल्डर में कैसे हाईड करेंगे?

  1. सबसे पहले आपको अपने गैलरी में से उन सभी फोटो और विडियो को सेलेक्ट लेना है जिन्हें आप Lock Folder में डालना चाहते है।
  2. सभी फोटोज और विडियो को सेलेक्ट करने के बाद आपकी स्क्रीन के टॉप राईट कार्नर पर तीन डॉट दिखेंगे जिस पर आप क्लिक कर दे।
  3. तीन डॉट पर क्लिक करने के बाद यहाँ आपको Move to Lock Folder का आप्शन दिखेगा और जैसे ही आप इस आप्शन पर क्लिक करेंगे आपके सभी सिलेक्टेड फोटोज और वीडियोस Lock Folder में move हो जायेंगे और इसके बाद गैलरी या फिर आपके इंटरनल स्टोरेज में नही दिखेंगे।

 

सभी Hide किये हुए फोटो और विडियो को कैसे देखे?

अब बात करे अगर आप उन सभी फोटो और विडियो जिन्हें आपने लॉक फोल्डर में मूव कर दिया है उन्हें देखना चाहते है तो आपको मैं बताता हूँ कि आप किस प्रकार से उन सभी फोटो और विडियो को आसानी से देख सकते है तो चलिए समझते है:-

सबसे पहले आपको अपने गूगल फोटो के एप्प को ओपन कर लेना है इसके बाद यहाँ आपको चार आप्शन दिखेंगे जिसमे चौथा आप्शन Library का दिखेगा उसपर आपको क्लिक कर देना है। Library पर क्लिक करने के बाद आपको ऊपर फिर से चार आप्शन दिखेंगे जहाँ आपको दुसरे आप्शन Utilities पर क्लिक कर देना है।

जैसे ही आप Utilities पर क्लिक कर देते है तो आपको कई सारे आप्शन दिख जायेंगे जहाँ पर आपको नीचे Lock Folder का आप्शन भी दिख जायेगा जिसपर आपको क्लिक करना है। क्लिक करने के बाद अब आपको अपने फ़ोन का पासवर्ड डालना होगा और पासवर्ड डालते ही आपके सभी फोटो और विडियो जिन्हें आपने हाईड करने के लिए इस लॉक फोल्डर में मूव किया था सभी आपके सामने आ जायेंगे। तो कुछ इस प्रकार से आप अपने हाईड किये हुए सभी फोटो और विडियो को एक्सेस कर सकते है।

How to Hide Photos In Google Photo

Lock Folder की ख़ास बातें जो आपको जाननी चाहिए :-

Google Photo के इस लॉक फोल्डर के फीचर के बारे में बात करे तो यह काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। How to Hide Photos In Google Photo आपको बता दे कि यह फीचर गूगल ने अपने फ्लैगशिप पिक्सल स्मार्टफोन के लिए जारी किया था लेकिन गूगल ने अपने इस फीचर को अब सभी एंड्राइड यूजर के लिए रोल आउट कर दिया है और गूगल का कहना है कि हम जल्द ही इसे iOS के लिए जारी कर देंगे।

आइये अब गूगल के लॉक फोल्डर के इस फीचर की कुछ ख़ास बाते जान लेते है :-

  1. लॉक फोल्डर में मूव किये गये सभी फोटो और विडियो आपको गैलरी या फिर आपके फोन के स्टोरेज कहीं भी शो नही होगी।
  2. यह सभी फोटो और विडियो किसी और भी थर्ड पार्टी एप्प में भी शो नही होगी।
  3. आपकी सिक्यूरिटी को देखते हुए यह फोन के किसी भी एल्बमबुक या फोटोबुक में भी नही दिखेगा।
  4. अगर आप Photo Nest Hub जैसे गूगल के स्मार्ट डिस्प्ले में भी चलायें तब भी यह लॉक फोल्डर के सभी फोटो हाईड रहेंगे।

तो यह कहना गलत नही होगा कि गूगल ने यूजर की जरूरत को प्राथमिकता दी है और ऐसा ख़ास फीचर लांच किया है।

Lock Folder की कमियां :-

आप बखूबी जानते है कि हर सिक्के के दो पहलू होते है ठीक उसी प्रकार से हर किसी के फायदे और नुकसान भी होते है तो चलिए अब मैं आपके गूगल फोटो के लॉक फोल्डर की कुछ कमियों के बारे में बताता हूँ जो मेरे हिसाब से आपको इसे इस्तेमाल करने के पहले ध्यान में रखनी चाहिए। How to Hide Photos In Google Photo

  1. आपको Lock Folder को एक्सेस करने के लिए उस फोन का पासवर्ड पता होना चाहिए, तो यदि कोई व्यक्ति जिसे आपके फ़ोन का पासवर्ड पता है तो वह आसानी से लॉक फोल्डर को एक्सेस कर सकता है।
  2. अगर आपके गूगल अकाउंट का पासवर्ड किसी अन्य व्यक्ति को पता है तो वह दुसरे डिवाइस में आपके Gmail account को लॉग इन कर आपके गूगल फोटो के इस लॉक फोल्डर को बड़ी ही आसानी से एक्सेस कर सकता है।
  3. साथ ही साथ आपके गूगल अकाउंट को PC आदि में भी लॉग इन कर आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।

तो यहाँ मैंने अपनी तरफ से Google Photo की कुछ कमियां बताई है। तो आब यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप गूगल फोटोज के इस लॉक फोल्डर का इस्तेमाल कैसे और किस तरह करेंगे।

Google Mera Naam Kya Hai- जाने कैसे आप गूगल से अपना आप नाम पूछ सकते है ?

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अगर आप एक स्मार्टफोन यूजर है और इसके साथ ही आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते है तो आप Google के बारे में अवश्य जानते होंगे। अगर नही भी जानते है तो चलिए मैं आपको कम शब्दों से बताता हूँ कि गूगल मुख्य तौर पर एक सर्च इंजन (Search Engine) है। जिसका कार्य यह है कि आपके द्वारा पूछे गये सवालो के सटीक उत्तर आपको देना। लेकिन आज की बात करूं तो आप Google से विभिन्न प्रकार के काम भी कर सकते है। गूगल की तरफ से एक स्मार्ट AI आधरित प्रोग्राम बनाया गया जिसका नाम है गूगल असिस्टेंट (Google Assistant) इसकी मदद से आप बहुत से ऐसे कार्य है जिसे आप मैन्युअली करते थे साथ ही आप इस प्रोग्राम से पुच सकते है कि Google Mera Naam Kya Hai 

Google का यह प्रोग्राम एक AI (Artificial Intelligence) आधारित प्रोग्राम है जो की अब ज्यादातर स्मार्टफोन में मौजूद है साथ ही साथ अब यह स्मार्ट होम डिवाइस, कार नेविगेशन और बहुत से डिवाइस में इस्तेमाल किया जाता है।

When was Google Assistant Launched – गूगल असिस्टेंट की शुरुआत कब हुई ?

गूगल असिस्टेंट (Google Assistant) गूगल द्वारा विकसित किया हुआ यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित एक AI आधारित प्रोग्राम है। जिसे हम देख या महसूस नही कर सकते, यह मुख्य रूप से मोबाइल और स्मार्ट होम डिवाइस पर उपलब्ध है। इसे गूगल के पिछले आभासी सहायक, गूगल नाउ के नए वर्जन के रूप में पेश किया गया था।

गूगल असिस्टेंट कि शुरुआत मई 2016 में गूगल के मैसेजिंग ऐप एल्लो और इसके वॉयस-एक्टिवेटेड स्पीकर गूगल होम (गूगल नेस्ट) के हिस्से के रूप में हुई। फरवरी 2016 में बाकि सभी एंड्राइड फ़ोन्स में उपलब्ध होने से पहले गूगल असिस्टेंट केवल पिक्सेल एवं पिक्सेल XL तक ही सीमित था ।

इसके उपरांत असिस्टेंट को मई 2016 में IOS ऐप के रूप में उपलब्ध कराया गया। अप्रैल 2016 में एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट की घोषणा की गयी और असिस्टेंट को गाडी व स्वचालन जैसे अन्य कई उपकरणों में कार्य करने के योग्य बनाया।

गूगल असिस्टेंट की कार्य क्षमता :-

उपयोगकर्ता मुख्य रूप से अपनी आवाज के माध्यम से गूगल असिस्टेंट के साथ बातचीत कर सकते हैं, हालांकि आप कीबोर्ड के माध्यम से टाइप कर भी अपने सवालो के जवाब प्राप्त कर सकते है। गूगल नाउ की ही तरह ही और तरीके में यह सहायक है इसके साथ ही, इंटरनेट पर खोजना, अलार्म लगाना, उपयोगकर्ता की डिवाइस पर हार्डवेयर सेटिंग्स और उपयोगकर्ता के गूगल खाते से जानकारी दिखाने में सक्षम है।

गूगल ने यह भी घोषणा की है कि सहायक वस्तुओं की पहचान करने और डिवाइस के कैमरे के माध्यम से दृश्य जानकारी इकट्ठा करने में सक्षम होगा, और उत्पादों को खरीदने और पैसे भेजने के साथ-साथ गाने की पहचान करने में सहायता करेगा।

आप अपने खाली समय में गूगल असिस्टेंट की मदद से मनोरंजन भी कर सकते है इसके साथ ही आप गूगल से अपने बारे में अपनी पसंद,अपना जन्मदिन, अपना नाम Google Mera Naam Kya Hai आदि सभी की जानकारी ले सकते है।

2020 के आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में Google Assistant 1 बिलियन से अधिक उपकरणों पर उपलब्ध है। गूगल असिस्टेंट दुनिया के अधिकतर देशों में और 30 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है। इसका उपयोग मासिक 500 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं द्वारा किया जाता है। गूगल असिस्टेंट अब नए स्मार्ट डिस्प्ले, स्पीकर, हेडफ़ोन, साउंडबार और मोबाइल फोन जैसे विभिन्न प्रकार के उपकरणों के लिए उपलब्ध है।

गूगल से Google Mera Naam Kya Hai कैसे पूछे ?

अब बात करते है कि आप किस प्रकार से गूगल द्वारा अपना नाम पूछ सकते है और जवाब में गूगल असिस्टेंट आपको आपका नाम बताएगा। अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि गूगल से यह पूछने पर की Google Mera Naam Kya Hai वह आपको आपका नाम कैसे बताएगा या फिर यदि आपको वह आपका नाम बता देता है तो गूगल असिस्टेंट को आपका नाम या फिर आपकी जन्म तिथि कैसे पता हुई?

Google Mera Naam Kya Hai 

चलिए इसका उत्तर मैं आपको देता हूँ सर्वप्रथम आपके पूछने पर यदि गूगल उत्तर देता है और आपकी जन्म तिथि भी बताता है तो यह उत्तर वह आपके द्वारा गूगल अकाउंट बनाते समय आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर देता है। इसके अलावा यदि वह उत्तर नही देता है तो आपको सबसे पहले आपक गूगल को अपना नाम और अपने बारे में जानकारी देनी होगी तभी गूगल असिस्टेंट आपको आपके प्रश्नों के उत्तर दे सकेगा।

गूगल असिस्टेंट के फीचर क्या है ?

  • ज्यादातर लोग गूगल असिस्टंग का उपयोग अपना नाम बुलबाने, अलार्म लगाने या फिर किसी इवेंट को याद रखने के लिए और Voice टाइपिंग के लिए करते है। लेकिन इसके अलावा भी इसके कई एडवांस फीचर्स होते है।
  • आप गूगल असिस्टेंट में अपने नाश्ते से लेकर डिनर तक का सभी टाइम गूगल असिस्टेंट की मदद से मैनेज कर सकते है। अगर आप गूगल से पूछते है, की मेरे नाश्ते में कितना समय है, तो यह आपके दिए हुए टाइम के अनुसार आपको बता देता है।
  • गूगल असिस्टेंट की मदद से आप इन्टरनेट पर कुछ भी सर्च कर सकते है ओ वो भी बिना टाइप किये हुए अर्थात आप केवल बोलकर भी कुछ भी गूगल पर सर्च करते है।
  • गूगल असिस्टेंट की मदद से आप अपनी मनपसंद के गाने को भी बिना टाइप किये सर्च करके सुन सकते है।
  • अगर आप कहीं घुमने जाना चाहते है तो आप गूगल असिस्टेंट की मदद से गूगल मैप को भी ओपन कर सकते है और अपने निश्चित स्थान तक मैप की मदद से आसानी से जा सकते है।
  • इसके अंदर कई ऐसे एडवांस फीचर्स भी है, जिनमे आप अपनी मनपसद की चीजे भी जोड़ सकते है, जैसे की आप किस दिन घूमने जाते हो, आपको क्या पसंद है, आपको मीटिंग या फिर स्कूल कॉलेज के लिए कब जाना है और भी कई ऐसे सवाल आप गूगल असिस्टेंट में जोड़ सकते है जिन्हें आप अक्सर काम के चलते भूल जाते है।
  • अगर आपको अपने क्षेत्र की न्यूज़ पढ़नी है, तो आप गूगल क्रोम ब्राउज़र पर ना जाकर, गूगल असिस्टेंट की मदद से न्यूज़ पढ़ और सुन सकते है। इसके लिए केवल आपको गूगल असिस्टेंट को न्यूज़ सुनाने के लिए बोलना होगा।
  • अगर आप सुबह जल्दी उठते है, या फिर आपको किसी टाइम पर कही जाना है, तो आप अलार्म भी सेट कर सकते है। इसके अलावा आप रिमाइंडर और टाइमर भी जोड़ सकते है। Google Mera Naam Kya Hai
  • आप अपने किसी भी मेसेज को गूगल असिस्टेंट की मदद से बुलबा सकते है। जिसमे आपको गूगल असिस्टेंट सभी जानकारी को बोलकर सुनाएगा।
  • आप इसकी मदद से अपने पूरे स्मार्टफोन को भी ऑपरेट कर सकते है और अपने फ़ोन के किसी भी एप्प को बोलकर ओपन करा सकते है।
  • अगर आपको अपने परिवार के किसी सदस्य या अपने दोस्त को फ़ोन लगाना है, तो आप गूगल असिस्टेंट की मदद से बहुत आसानी से फ़ोन लगा सकते है।
  • गूगल असिस्टेंट की मदद से आप स्मार्ट डिवाइस को भी कंट्रोल कर सकते है, जिनमे गूगल स्पीकर, स्मार्ट बल्ब, स्मार्टटीवी, स्मार्ट गैजेट इसके अलावा सभी तरह के स्मार्ट डिवाइस को इसके साथ सिंक क्र सभी को ऑपरेट कर सकते है। बाजार में कई तरह के स्मार्ट डिवाइस मौजूद है।

Google Mera Naam Kya Hai – जाने गूगल कैसे आपका नाम बताएगा ?

गूगल असिस्टेंट से आपका नाम पूछने पर जब वह आपको अपना नाम बताता है तो क्या आपने कभी सोचा है आखिर गूगल असिस्टेंट को आपका नाम कैसे पता है? तो इसका जवाब मैं आपको देता हूँ गूगल अकाउंट बनाते समय आप जो भी नाम और जन्म तिथि आप चुनते है, गूगल उसी के आधार पर आपका नाम बताता है आप चाहे तो अपने नाम को बदल भी सकते है जिसके बाद गूगल आगे से आपको आपके नये नाम से बुलाएगा।

  • गूगल से अपना नाम पूछने के लिए विभिन्न तरीके है जिन्हें आप अपना सकते है जैसे आप गूगल असिस्टेंट एप्प को ओपन करेंगे और माइक के आप्शन पर क्लिक कर करेंगे और बोलेंगे Google Mera Naam Kya Hai  इसके बाद गूगल आपको आपका नाम बता देगा और अगर आप उससे अपनी जन्म तिथि के बारे में पूछेंगे तो उसका भी जवाब मिल जायेगा।
  • दूसरा तरीका है आप माइक में न बोलकर कीबोर्ड की मदद से गूगल से अपने नाम के बारे में टाइप कर सकते है।
  • तीसरा तरीका है आप अपने मोबाइल के होम बटन को कुछ देर प्रेस कर रखेंगे और बोलेंगे “Ok Google” या फिर “Hey Google” इसके अलावा आजकल कई नए फोन में गूगल असिस्टेंट के लिए एक अलग से बटन दिया जाता है जिसे प्रेस करते ही आपका गूगल असिस्टेंट एक्टिवेट हो जाता है और आप उससे सवाल कर सकते है।लेकिन ध्यान रहे “Ok Google” या फिर “Hey Google” बोलने पर गूगल असिस्टेंट अकाउंट को एक्टिवेट करना होगा अगर आप नही जानते है कि गूगल असिस्टेंट को कैसे एक्टिवेट करते है तो चलिए कुछ आसान चरणों में मैं आपको मैं आगे बताता हूँ ठीक इसी प्रकार से आप भी गूगल असिस्टेंट अकाउंट को एक्टिवेट कर सकते है।

Google Assistant Account को Activate कैसे करे?

गूगल से Google Mera Naam Kya Hai पूछने के लिए आपको गूगल असिस्टेंट अकाउंट को एक्टिवेट करना होगा और यह जरूरी है कि आप पहले पता कर ले कि आपके फ़ोन में यह एक्टिवेट है या नही? यह अब ज्यादातर फ़ोन में प्रीइनस्टॉल ही आता है।

इसे एक्टिवेट करने के लिए आपको सबके पहले माइक को चालू कर “Ok Google” या फिर “Hey Google”  बोलना होगा। अगर असिस्टेंट सेटअप होगा तो वह आपसे प्रश्न पूछेगा अन्यथा आपको सेटअप करना होगा चलिए अब इसका सेटअप कैसे करना है इसके वारे में जान लेते है:-

Step-1 सबसे पहले आपको Google App को ओपन कर लेना है इसके बाद आपको अपने Google Account के आइकॉन पर क्लिक करना है।

Google Mera Naam Kya Hai 

Step-2 इसके बाद आपको Setting का आप्शन दिख जायेगा जहाँ आपको क्लिक करना है और क्लिक करने के बाद आपके सामने नया पेज खुल जायेगा जहाँ आपको Voice पर क्लिक करना है।

Step-3 इसके बाद अब आपके सामने Voice Match का आप्शन दिखेगा साथ ही नीचे “Hey Google” दिखेगा जिसपर आपको क्लिक करना होगा और यहाँ आपको “Hey Google” या फिर “Ok Google” बोलना है और Start Saving Audio पर क्लिक कर देना है।

Step-4 यह सभी स्टेप पूरे करने के बाद आपको “Hey Google is Ready” का आप्शन दिख जायेगा और इसी के साथ ही आपका Google Assistant का सेटअप भी पूरा हो जायेगा। अब आप जब भी “Hey Google” या फिर “Ok Google” बोलेंगे तो आपका Google Assistant एक्टिवेट हो जायेगा और आप उससे अपने मन पसंद कार्य करा सकते है।

 

Months Name in Hindi and English – महीनो के नाम हिंदी और इंग्लिश में

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दोस्तों समय को मापने का सबसे आसान और महत्वपूर्ण तरीका है महीनो के आधार पर समय को मापना अर्थात हम समय का अनुमान महीनो के नाम के आधार पर आसानी से कर सकते है। हम किसी वर्ष के ऋतु या फिर दिनों का अनुमान महीनो के आधार पर लगाते है उदाहरण के तौर पर जैसे अभी शीत ऋतु अर्थात ठंड का मौसम है तो अभी दिसंबर का महीना है और दिसंबर में 31 दिन होते है तो कुछ इस प्रकार से हम समय और ऋतू को महीनो के रूप में समझ सकते है तो आज मैं आपको Months Name in Hindi and English के बारे में बताने वाला हूँ। 

महीनो के नाम वो भी हिंदी में Months Name in Hindi (हिन्दू पंचांग के अनुसार) इसके अलावा Months Name in English अर्थात अंग्रेजी नववर्ष के अनुसार अलग अलग होते है लेकिन बहुत कम ऐसे लोग है खासकर बच्चे तो हिंदी महीनो के नाम जानते ही नही है तो चलिए आज मैं आपको इन सभी महीनो के नाम हिंदी और इंग्लिश में बताता हूँ जिससे आप आसानी से सभी को समझ सके और याद कर सके। तो चलिए विस्तार से जान लेते है:- 

“Months Name in English”
महीनो के नाम (अंग्रेजी)

Serial no.Months Name in EnglishNo. of Days in Months
01January31 Days
02February28 Days (Leap Year 29)
03March31 Days
04April 30 Days
05May31 Days
06June30 Days
07July31 Days
08August31 Days
09September30 Days
10October31 Days
11November30 Days
12December31 Days

आमतौर पर ज्यादातर लोगो को बस इतना याद रहता है, विशेषकर बच्चो को कि वर्ष में 12 महीने होते है लेकिन कौन सा महीना कब और कितने दिन का होता है इसका सटीक जवाब उनके पास नही होता है। साधारणतया बात करे तो सभी जानते है की अंग्रेजी नववर्ष जनवरी से शुरू होता है और जनवरी में 31 दिन होते है इसके अलावा दिसंबर वर्ष का आखिरी महीना होता है और उसमे भी 31 दिन होते है ।  तो आज के विषय में हम यही सभ जानेंगे और साथ ही महीनो के नाम को हिंदी में क्या कहते है यह भी जानेंगे। 

Months Name in Hindi and English
Months Name in Hindi and English

महीनो के नाम (हिंदी) – Months name in Hindi

अगर हम बात करे महीनो के नाम वो भी हिंदी में तो भारतीय हिन्दू पंचांग के अनुसार हिन्दू नववर्ष की शुरू चैत्र मास से जो की मार्च से शुरू होता है तभी से हिंदी नववर्ष की शुरुआत होती है इसके बाद वैशाख, ज्येठ, आषाढ़ आदि महीने आते है तो आइये एक बार हिंदी के महीनो के नाम Months name in Hindi हिन्दू पंचांग के अनुसार समझते है कि कब कौन सा महीना आता है और उसे अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार क्या कहेंगे।

अगर बात करे हिंदी पंचांग के कैलेंडर के अनुसार महीनो के नाम को समझने की तो हिंदी कैलेंडर की समयावधि और तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार बिलकुल ही अलग होती है जहाँ मैंने आपको पहले ही बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार वर्ष जनवरी मास से शुरू होता है लेकिन हिंदी पंचांग कैलेंडर के अनुसार हिंदी नववर्ष की शुरुआत चैत्र मास से होती है जो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मार्च का महीना होता है।

Months Name in Hindi and English
महीनो के नाम हिंदी और इंग्लिश

Serial no.Months Name in Englishमहीनो के नाम महीनो के नाम (हिन्दू पंचांग अनुसार)
01.Januaryजनवरी माघ (जनवरी-फरवरी)
02.Februaryफरवरी फाल्गुन (फ़रवरी-मार्च)
03.Marchमार्च चैत्र (मार्च-अप्रैल)
04.Aprilअप्रैल वैशाख (अप्रैल-मई)
05.Mayमई ज्येठ (मई-जून) 
06.Juneजून आषाढ़ (जून-जुलाई)
07.Julyजुलाई श्रावन (जुलाई-अगस्त)
08.Augustअगस्त भाद्रपद  (अगस्त-सितम्बर)
09.Septemberसितंबर आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर)
10.Octoberअक्टूबर कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) 
11.Novemberनवंबर मार्गशीर्ष (नवम्बर – दिसम्बर) 
12.Decemberदिसंबर पौष (दिसम्बर-जनवरी)

यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि 30 दिन या फिर 31 दिनों का महीना अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार एक ही महीने का होता है लेकिन हिंदी कैलेंडर का महिना 15-15 दिनों के अंतराल के बीच दो अंग्रेजी कैलेंडर में बंट जाता है अर्थात दो महीनो के बीच पूर्ण होता है जैसा कि आपको मैंने ऊपर सारणी में समझाया है।

Months Name in Hindi and English कुछ इस प्रकार से 28, 29, 30 और 31 दिनों को मिलाकर वर्ष में कुल 365 दिन, 52 हफ्ते और 12 महीने होते है जिससे मिलकर एक वर्ष बनता है। दूसरी तरफ अगर कोई वर्ष लीप वर्ष होता है आसान शब्दों में कहे तो फरवरी में 29 दिन हो तो कुल 366 दिन वर्ष में होते है और लीप वर्ष की बात करे तो लीप वर्ष हर 4 वर्ष बाद आता है। उदाहरण के लिए समझे तो वर्ष 2020 लीप वर्ष था और अब 2024 में फिर लीप वर्ष आएगा।

Months Name in Hindi and English

ऋतुओ के आधार पर महीने

अब बात करते है भारत में महीनो के आधार पर या फिर ऋतुओ के आधार पर कितने महीने होते है और कौन सी ऋतु या कहे कौन सा मौसम कब और किस महीने में आता है?

भारत में मुख्य तौर पर ऋतुओ को तीन भागो में बाँटा गया है शरद, ग्रीष्म और वर्षा ऋतु लेकिन प्राचीन काल में ऋतुओ को छह भागो में बाँटा जाता था वसंत , ग्रीष्म , वर्षा , शरद , हेमंत और शिशिर। सभी ऋतुओ का समय अंतराल भी अलग अलग है किसी ऋतु का एक महीने तो किसी का दो महीने। चलिए अब ऋतुओ का समय अंतराल के बारे में भी जान लेते है।

ऋतुओ के नाम (महीनो के आधार)

ऋतुमहीनो के नाम महीने (हिन्दू कैलेंडर अनुसार)
ग्रीष्म मई से जून ज्येष्ठ से आषाढ़
वर्षा जुलाई से सितंबर श्रावण से भाद्रपद
शरद अक्टूबर से नवंबर आश्विन से कार्तिक
हेमन्त दिसंबर से 15 जनवरी (लगभग)मार्गशीर्ष से पौष
शिशिर 16 जनवरी (लगभग) से फरवरी माघ से फाल्गुन
वसन्त मार्च से अप्रैल चैत्र से वैशाख

तो इस प्रकार से आप महीनो के नाम और महीनो के अनुसार ऋतुओ को भी समझ सकते है। तो आशा करता हूँ आज की यह जानकारी आपको बेहद ही पसंद आई होगी और आपको Months Name in Hindi and English को समझने में काफी आसानी हुई होगी। साथ ही महीनो के नाम को लेकर आपके सभी प्रश्नों के उत्तर आपको मिल चुके होंगे। तो अगर यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे और साथ ही साथ और भी रोचक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी अन्य पोस्ट पढ़े। धन्यवाद !

Memes Meaning in hindi – मेमे (मीम्स) क्या है,मीम्स कैसे बनाए ?

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दोस्तों आज सोशल मीडिया का जमाना है किसी व्यक्ति के पास बैंक का अकाउंट हो या ना हो लेकिन सोशल मीडिया पर अकाउंट जरूर होगा। सोशल मीडिया के अनेक साधन है जैसे Facebook, Youtube, Whatsapp, Instagram, ShareChat इसके अलावा और भी अनेको सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आज मौजूद है और आपने अक्सर ही इन पर Memes का नाम जरूर सुना होगा। Memes इमेज या फिर वीडियो किसी भी माध्यम में हो सकते हैं | तो क्या आप जानते है की Meme क्या है Memes Meaning in Hindi इसके अलावा क्या आप जानते है memes कितने प्रकार के होते है ? 

तो आज Meme से जुड़े सभी विषयों के बारे में हम बात करने वाले हैं। साथ ही साथ आज हम Memes के बारे में विस्तार से सारी जानकारी प्राप्त करेंगे जैसे Memes क्या है, memes कितने प्रकार के होते है, memes कैसे बनाये जाते है, memes को बनाने के क्या फायदे है ?

Memes Meaning in hindi – मेमे (मीम्स) क्या है

दोस्तों Memes (Memes Meaning in hindi) का मतलब है ऐसे Comedy/Funny Video जो की मिमिक्री, ट्रोल, मज़े लेने, मजाक उड़ाने, हँसाने के उदेश्य से बनाये जाते है,इन्हें बनाने का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन होता है,memes विडियो या फिर इमेज किसी भी प्रारूप में हो सकते है|

Memes को बनाने के लिए किसी भी वीडियो के कुछ क्लिप को कट करके अपने अनुसार किसी दूसरी वीडियो के साथ एडिटिंग के माध्यम से तैयार करना Memes कहलाता है इसके अलावा इस तरह के Memes को Video Memes  भी कहा जाता है।

इस तरह के Video memes मिमिक्री, ट्रोल, मज़े लेने, मजाक उड़ाने, हँसाने के उदेश्य से बनाये जाते है| Memes को बाकि विडियो और इमेज के मुकाबले ज्यादा शेयर किया जाता है जिसका कारण है की यह पल भर में इन्टरनेट पर वायरल हो जाते है| 

Memes को फोटो के माध्यम से भी पेश किया जाता है जहां शब्दों को इस तरह फोटो के साथ जोड़ा जाता है कि वह एक मजेदार Memes बन जाता है। इन्टरनेट पर Viewer और Follower बढ़ाने के लिए अक्सर ही Memes का सहारा लिया जाता है|

Memes Meaning का इतिहास :-

आज भले ही लोग सोशल मीडिया पर रोजाना ढेरो मीम्स शेयर करते है और इस Meme मीनिंग से वाकिफ है| असल में मीम शब्द बहुत पुराना है जब सोशल मीडिया नही था लेकिन आज इसका प्रचलन है| तो क्या आप जानते है इस शब्द की खोज किसने की थी और सबसे पहले इस मीनिंग को किसने इस्तेमाल किया था ?

अगर नही तो चलिए मैं आपको बताता हूँ |

कहा जाता है की सन 1976 में, Richard Dawkins नामक एक बहुत प्रसिद्ध लेखक थे| जिन्होंने अपनी एक किताब पब्लिश की थी जिसका नाम था “The Selfish Gene” और इसी कित्ताब में लेखक ने meme शब्द का इस्तेमाल किया था और साथ ही इसी किताब में उन्होंने इसका अर्थ भी बताया था जो की कुछ यह था Memes Meaning in hindi

Memes Meaning In Hindi– एक विचार या व्यवहार जो एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति तक फैलता है (An idea or behavior that spreads from one person to another)

-Richard Dawkins

Memes कितने प्रकार के होते हैं ?

Memes के प्रकार का निर्धारण करना थोड़ा कठिन कार्य है लेकिन Memes की प्रकृति और व्यवहार के आधार पर Memes को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। जहां आप Meme  को देखकर या पढ़कर उस Meme  केप को निर्धारित कर सकते हैं, कि यह Meme किस प्रकार का है |

वैसे आज Social Media पर तरह-तरह के Memes  पाए जाते हैं जैसे  Motivational/Inspirational Memes,  funny and comedy memes,  classic memes,  Dank memes,  education memes,  the trending memes, the series memes,  image memes,  video memes  आदि।

1.Motivational/Inspirational Memes

इनके नाम से ही आप इस तरह के Memes का अर्थ समझ सकते हैं कि इस तरह के Memes मुख्य तौर पर आपको Motivation और Inspiration देने के लिए तैयार किया जाता है  जिससे आपको जीवन में सदा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके।

2.Funny and Comedy memes

इस तरह के memes  मुख्य तौर पर मनोरंजन के लिए बनाए जाते हैं जहां पर आपका मनोरंजन का पूरा ध्यान रखा जाता है और memes को कुछ इस तरह से तैयार किया जाता है कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को पसंद आए।

3.Classic Memes

इस तरह के memes  मैं एक इमेज होती है जिसमें किसी व्यक्ति का फोटो होता है और उस फोटो में ऊपर या फिर नीचे की तरफ उस फोटो के व्यक्ति के एक्सप्रेशन के अनुसार text  लिखा होता है यह classic category memes कहा जाता है। Memes Meaning in hindi

4.Dank Memes

इस प्रकार के memes को सबसे ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इनमें कुछ आईडिया या फिर कोई सुझाव देने के लिए इन्हें तैयार किया जाता है इन्हें इंटरनेट इन जोक्स भी कहा जाता है। इस तरह के memes  ज्यादातर Popular tv show, game, movies या फिर web series  पर बेस्ड होते हैं।

5.The Education Memes

नाम की ही तरह इस तरह के memes  प्रयोग आमतौर पर लोगों को किसी प्रॉब्लम के सॉल्यूशन को memes  के माध्यम से funny  तरीके से समझाया जाता है और जनमानस तक अपनी बात पहुंचाई जाती है इस तरह के memes  काफी फायदेमंद होते हैं।

6.The Trending Memes

इस तरह के memes  पर समय के लिए फ्रेंड में रहते हैं और फिर अचानक गायब हो जाते हैं और लोग भी उन्हें धीरे-धीरे भूल जाते हैं यह सोशल मीडिया पर तेजी से कुछ समय के लिए ट्रेंडिंग करते हैं और कम समय में काफी पॉपुलर भी हो जाते हैं।

7.The Series Memes

जैसा कि नाम से ही आप समझ सकते हैं कि इस प्रकार के memes को series  के तौर पर तैयार किया जाता है और एक-एक कर लोगों के सामने पेश किया जाता है इस तरह के memes Instagram  पर ज्यादा पॉपुलर हैं।

8.Sad Memes

इस तरह के memes को ख़ास तौर पर किसी दुखी या फिर उदासी का अनुभव कराते है ऐसे memes को दुःख दर्द आदि भाव को प्रकट करने के उद्देश्य से बनाया जाता है|

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Memes कैसे बनाएं ?

इंटरनेट पर वैसे बहुत सारे memes पहले से ही मौजूद है आप चाहे तो उन्हें डाउनलोड कर सकते हैं इसके अलावा अगर आपको Photoshop  जो कि एक फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर है। अगर आपको Photoshop चलाना आता है तो आप काफी अच्छे memes बना सकते हैं।

आज से कुछ वर्ष पहले इमेज मीम्स बेहद ही पोपुलर हुआ करते थे लेकिन अज ज्यादातर विडियो मीम पसंद किये जाते है | तो अबतक आप Memes Meaning in hindi के बारे में अच्छे से जान चुके होंगे तो चलिए अब जानते है मीम कैसे बनाये ?

इसके अलावा अगर आपको video memes बनाने हैं तो इसके लिए आपको video editing की जानकारी होनी चाहिए।Video editing के लिए वैसे तो बहुत सारे ऐप्स इंटरनेट पर मौजूद है लेकिन कुछ खास और बेहद ही पॉपुलर एप्स है Kine Master, Filmora Go, Power directo आदि यह सभी सॉफ्टवेर आप अपने मोबाइल में इंस्टाल कर सकते है और आसानी से इनके माध्यम से आप Video Memes बना सकते हैं। 

इस तरह के Video Memes में किसी दूसरी वीडियो की वॉइस को भी कट करके अन्य वीडियो में लगाया जा सकता है जैसे किसी पॉलीटिशियन या फिर अभिनेता के इंटरव्यू के क्लिप को कट किसी Funny या फिर मजाकिया वीडियो में जोड़ दिया जाये और इसे Memes के तौर पर पेश किया जा सकता है यह सारा खेल Editing का होता है|

वीडियो को कुछ भी इस तरह से एडिट किया जाता है कि आपको वह उसी वीडियो की वॉइस या फिर उसी वीडियो का पार्ट लगेगा जो भी उस Memes मैं दिखाया गया है।

Memes और Meme का सही उच्चारण (Memes Pronunciation)

इन्टरनेट जो की एक बहुत ही विस्तृत भाग है यहाँ रोजाना कोई न कोई ऐसा शब्द आपके सामने आता होगा जिसे आपने पहले नही सुना होगा साथ ही कई बार ऐसा भी होता है कि जिन शब्दों को आप अक्सर ही सुनते रहते है फिर भी आप उसे ठीक प्रकार से बोल नही पाते अर्थात आप उसका उच्चारण नही कर पाते |

ऐसा ही शब्द है Memes तो चलिए इसके ठीक उच्चारण के बारे में जानते है:-

  • Meme – मीम (मेमे)
  • Memes  – मीम्स

Memer Meaning in hindi – मीमर (Memer) कौन होते है ?

जिस प्रकार से बच्चे को पढ़ाने वाले शिक्षक, गाड़ी चलाने वाले को चालक उसी प्रकार से वह व्यक्ति जो कि मीम बनाता हो और उसे शेयर करता हो उसे मीमर कहते है| Memer वह व्यक्ति होता है जिसके दिमाक में हमेशा ही यूनिक आईडिया और मीम बनाने के लिए ढेरो सुझाव घूमते रहते है |

मीम बनाना भी कोई आसान काम नही है,इमेज या फिर विडियो को देखकर उसकी प्रकृति और उसके व्यवहार को समझकर शब्दों के मेल से और वौइस् को ठीक प्रकार से सही जगह पर लगाने से मीम तैयार होता है|

Memes बनाने के क्या फायदे हैं?

अबतक आप अच्छे से समझ चुके होंगे की Memes क्या है (Memes Meaning in hindi) और यह कितने प्रकार के होते है साथ ही साथ आप इसके उच्चारण ओ भी समझ चुके होंगे तो चलिए अब बढ़ते है आगे की तरफ जहाँ अब हम जान लेते है Memes बनाने के क्या फायदे है ?

मीम बनाने के ढेरो फायदे है जिन्हें हम चरणबद्ध तरीके से समझते है :-

  1. Memes आमतौर पर मनोरंजन के लिए बनाये जाते है जिसमे आपके चेहरे पर मुस्कान लायी जा सके और आप मीम के माध्यम से थोडा खुश हो सके |
  2. मीम्स के माध्यम से कम समय में ढेरो व्यूअर और फोल्लोवर भी प्राप्त किये जा सकते है क्योकि यह इन्टरनेट पर सबसे ज्यादा पसंद किये जाते है और इसके माध्यम से आप पैसे भी कमा सकते है|
  3. मिम्स बनाकर आप Instagram या फिर Facebook पर अपना एक पेज बना सकते है और उसपर आप मीम शेयर करते है तो आपके फोल्लोवर बढ़ेंगे ज्यादा फोल्लोवर वाले पेज कंपनियों के लिए विज्ञापन कर पैसे कमा सकते है|
  4. आपने इन्टरनेट पर अनेको ऐसे मीम पेज देखने होंगे जिनके पर लाखो फोल्लोवर है वह पेज पैसे तो कमाते ही है साथ ही साथ अपनी पहचान बनाते है फेमस होते है,नाम कमाते है |
  5. आप मीम्स के माध्यम से ही अपने पेज या फिर ग्रुप की ऑडियंस को अपनी वेबसाइट पर भेज सकते है जिससे आप अपनी वेबसाइट के माध्यम से पैसे कमाते है|

आखिरी शब्द :- 

तो दोस्तों आज हमने जाना कि  memes का हिंदी मतलब-अर्थ क्या है (What is Hindi Meaning of Memes and Meme)। मुझे पूरा यकीन है की आप memes meaning in hindipronunciation of memehow to create meme (memes कैसे बनाये), memer meaning in Hindi के बारे में अच्छे से समझ चुके होंगे लेकिन फिर भी यदि आपके मन में कोई सवाल है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में अपने सवाल को जरुर लिखे |

तो आशा करता हूँ आज की यह जानकारी आपको जरुर पसंद आई होगी अगर पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और साथ ही ऐसे ही लेटेस्ट टॉपिक के लिए हमे सोशल मीडिया पर फॉलो जरुर करे | धन्यवाद !

Depression Symptoms in hindi – डिप्रेशन क्या है और इसके लक्षण क्या है ?

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सभी ने जिंदगी के किसी ना किसी पड़ाव में खुद को निराश या उदास जरूर महसूस किया होगा| जिंदगी में उतार-चढ़ाव, असफलता, संघर्ष या फिर कभी कभी किसी अपने से बिछड़ने के कारण हमें उदासी और निराशा महसूस होती है लेकिन यदि आप की लाचारी, निराशा और उदासी कुछ दिनों, कुछ हफ्तों  से लेकर महीनों तक होती है  तो यह डिप्रेशन अर्थात अवसाद नामक बीमारी के लक्षण हो सकते हैं  आज मैं आपसे इसी विषय में बात करने वाला हूं की डिप्रेशन क्या है और डिप्रेशन के लक्षण क्या है Depression Symptoms in hindi साथ हम बात करेंगे  डिप्रेशन के उपचार के बारे में :-

WHO  के अनुसार दुनिया भर के 40 करोड़ से ज्यादा लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं और भारत में इस बीमारी से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित है यह एक बहुत गंभीर समस्या है। सामान्यता यह किशोरावस्था या फिर 30 से 40 वर्ष की आयु मैं शुरू होती है लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकती है। पुरुषों के मुकाबले इसके महिलाओं में होने की संभावना अधिक होती है।

यह एक मानसिक समस्या है लेकिन यह आपको शारीरिक रूप से प्रभावित करती है मानसिक कारणों के अलावा डिप्रेशन महिलाओ में हार्मोन के असंतुलन, गर्भावस्था और अनुवांशिकी विकृति भी डिप्रेशन का कारण हो सकती है।

Depression Symptoms in hindi – डिप्रेशन क्या है और इसके लक्षण क्या है ?

What is Depression – डिप्रेशन क्या है ?

डिप्रेशन जिसे हम अवसाद के नाम से भी जानते हैं यह एक मानसिक समस्या है लेकिन शारीरिक रूप से प्रभावित करती है। डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति स्वयं को हमेशा अकेला, असफल और निराश महसूस करता है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति शारीरिक लक्षणों के चलते इलाज कराता है लेकिन मानसिक स्थिति पर उसका ध्यान नहीं जाता।

डिप्रेशन का इलाज किसी मनोरोग चिकित्सक द्वारा ही संभव है इसके लिए आपको किसी मनोरोग चिकित्सक से मुलाकात करनी होगी और डिप्रेशन के कारणों का पता करना होगा और यह डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति के लिए कुछ जरूरी है।

यह एक मानसिक समस्या है लेकिन यह आपको शारीरिक रूप से प्रभावित करती है,डिप्रेशन जिसे हम अवसाद के नाम से भी जानते हैं

Cause of Depression – डिप्रेशन का कारण

डिप्रेशन की समस्या Depression Symptoms in hindi एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है जिसके चलते इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति स्वयं को निराशा और अकेला महसूस करता है। जिस कारण वह स्वयं को इस समस्या से और ज्यादा ग्रसित करता है। सामान्यतः डॉक्टर के अनुसार कुछ विशेष लक्षण पहचाने गए हैं जो से ज्यादा डिप्रेशन में व्यक्ति को प्रभावित करते हैं जैसे थकावट, आलस्य, चिड़चिड़ापन, दुबलापन या मोटापा, सर दर्द और अपचन शरीर के वजन में अचानक वृद्धि या फिर कमी।

अगर बात करें डिप्रेशन के कारणों की तो कुछ विशेष कारण है जैसे जेनेटिक्स (अनुवांशिकी), उम्र, लिंग, हारमोंस का  असंतुलन होना, अन्य बीमारी, व्यक्तिगत समस्या आदि। तो चलिए इन सभी के बारे में विस्तार से जान लेते हैं :-

  1. जेनेटिक (अनुवांशिकी) – जेनेटिक्स डिप्रेशन का  एक जटिल कारण हो सकता है जबकि डिप्रेशन को पैदा करने वाले  जीन का पता करना बहुत कठिन कार्य है परिवार में अनुवांशिकी आधार पर डिप्रेशन की समस्या उत्पन्न होती है।
  2. लिंग – पुरुषों की तुलना में डिप्रेशन की समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी गई है महिलाओं को इसका ज्यादा खतरा होता है|
  3. उम्र – सामान्यता डिप्रेशन किशोरावस्था या फिर 30 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को होती है लेकिन डॉक्टर के अनुसार माना जाता है की बुजुर्ग लोगों को डिप्रेशन जल्दी ग्रस्त कर देता है। बुजुर्ग लोग डिप्रेशन के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं वह स्वयं को अकेला महसूस करते हैं जिसके कारण उनमें  यह समस्या को मिलती है।
  4. हार्मोन का असंतुलन – हारमोंस का असंतुलन होना भी डिप्रेशन की समस्या को बढ़ावा देता है।  हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के हार्मोन पाए जाते हैं जिसका शरीर के विकास में अलग अलग कार्य होता है मस्तिष्क में  सेरोटोनिन नामक हारमोंस के स्तर की कमी को  डिप्रेशन से जोड़ा जाता है।
  5. व्यक्तिगत समस्याएं – डिप्रेशन की समस्या कई बार व्यक्तिगत समस्याओं के कारणों से भी उत्पन्न होती है जिसमें व्यक्ति स्वयं को मानसिक रूप से दुखी महसूस करता है व्यक्तिगत समस्या जैसे कार्य का दबाव, शादी की समस्या या फिर पारिवारिक झगड़े भी इसका कारण हो सकते हैं।

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Depression Symptoms in hindi – डिप्रेशन के लक्षण 

डिप्रेशन के लक्षणों की बात करें तो इसके अनेक लक्षण हैं साथ ही इन लक्षणों में से 5 या उससे अधिक लक्षण अगर किसी व्यक्ति में दो या दो से अधिक हफ्तों तक बने रहते हैं तो वह व्यक्ति डिप्रेशन से प्रभावित हो सकता है।

Depression Symptoms in hindi

डिप्रेशन सामान्य लेकिन गंभीर बीमारी है इसका इलाज पूर्णत संभव है इससे आपको घबराने की जरूरत नहीं है जरूरत है जरूरत है तो उचित उपचार और मनोरोग विशेषज्ञ से उचित सलाह की आप उचित सलाह द्वारा पूर्णता इस समस्या से निजात पा सकते हैं डिप्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण के बारे में बात करें तो :-

  • बिना किसी कार्य के थकान महसूस करना
  • हताश निराश और चिड़चिड़ापन
  • किसी कार्य में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • अपराध और बेकार के कार्य की भावना आना
  • दबाव और शराब के सेवन में वृद्धि
  • सिर शरीर में  शरीर में दर्द
  • अत्यधिक नींद या फिर अनिद्रा की समस्या
  • अधिक भूख लगना या फिर भूख की कमी
  • मृत्यु या खुद को नुकसान पहुंचाने का विचार आना
  • मनोरंजन और रूचि में कमी
  • एकाग्र रहने और फैसले लेने में कठिनाई
  • स्वयं  को अयोग्य और असफल मानना
  • बेचैनी और आलस्य होना

What is the Treatment of Depression – डिप्रेशन का उपचार क्या है ?

डिप्रेशन की समस्या से आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है आप किसी अच्छे डॉक्टर या मनोरोग चिकित्सक की सलाह ले सकते हैं। आप पहले किसी मनोरोग विशेषज्ञ/चिकित्सक से परामर्श लें वह आपसे डिप्रेशन के लक्षण Depression Symptoms in hindi के बारे में आपसे पूछेगा और आपके उत्तर के आधार पर आपके डिप्रेशन की स्थिति का आकलन करेगा कि आपको किस प्रकार का डिप्रेशन है|

इसके अलावा डिप्रेशन के उपचार के लिए कुछ अन्य प्रकार के साधन भी उपलब्ध हैं जो आपके डिप्रेशन के उपचार में कारगर साबित होंगे जैसे self-help, दवा, काउंसलिंग या उचित परामर्श, वैकल्पिक चिकित्सा तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जान लेते हैं :-

  1. सेल्फ हेल्प :-
    डिप्रेशन की समस्या  से निजात पाने के लिए सबसे पहले आपको स्वयं इसके लिए खुद को तैयार करना होगा जैसे आपको नियमित व्यायाम करना होगा अच्छी और  पर्याप्त नींद लेनी होगी दोस्तों और रिश्तेदारों से मिले सुबह शाम खुले में पहले स्वयं को व्यस्त रखने की कोशिश करें अनावश्यक और बुरे विचार ना आने दे धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
  2. दवा :-
    मनोरोग चिकित्सक के प्रिसक्रिप्शन के आधार पर एंटीडिप्रेसेंट दवाओ का सेवन करें | यह दवाएँ आपके मस्तिष्क को बदलने में सहायक होंगी।
  3. उचित परामर्श और काउंसलिंग :-
    डिप्रेशन की स्थिति में कई बार उचित परामर्श और काउंसलिंग भी व्यक्ति में डिप्रेशन से जल्द से जल्द मुक्त होने की एक उम्मीद जगा देती है जिसमें काउंसलर या विशेषज्ञ/चिकित्सक व्यक्ति के कौशल विकास में मदद करते हैं|
  4. वैकल्पिक चिकित्सा :-
    जिस प्रकार से डिप्रेशन के अलग-अलग प्रकार हैं ठीक उसी प्रकार से डिप्रेशन का इलाज भी अलग-अलग प्रकार से संभव है हल्के और कम डिप्रेशन से प्रभावित लोग कभी-कभी मात्र सलाह और उचित परामर्श से ठीक हो जाते हैं लेकिन गंभीर रूप से प्रभावित लोग थेरेपी, मालिश, सम्मोहन और बायोफीडबैक आदि से डिप्रेशन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

आखिरी शब्द – याद रखें

डिप्रेशन से जुड़ी सभी जानकारी देने के बाद अब आपको मैं बताना चाहूंगा कि आपको डिप्रेशन को लेकर कुछ विशेष बातों पर ध्यान देना होगा जो डिप्रेशन से राहत पाने के लिए बहुत जरूरी है| डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को इससे छुटकारा दिलाने के लिए दवा से ज्यादा उसके व्यक्तिगत व्यवहार और उसकी जीवनशैली पर ध्यान देना होगा उसे अकेले न रहने दे|

  • डिप्रेशन एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है जिससे निजात पाने के लिए व्यक्ति को मनोरोग चिकित्सक से सहायता और परामर्श की आवश्यकता होती है|
  • डिप्रेशन जैसी समस्या से जल्द राहत पाने के लिए व्यक्ति और चिकित्सक के साथ-साथ डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति के परिवार और दोस्तों का सहयोग भी बहुत जरूरी होता है।
  • डिप्रेशन का इलाज पूरी तरह संभव है डिप्रेशन के अधिकांश व्यक्ति पूरी तरह ठीक हो जाते हैं लेकिन गंभीर रूप से ग्रस्त व्यक्ति लंबे समय में ठीक होते हैं।
  • डिप्रेशन का इलाज के लिए अच्छे मनोरोग चिकित्सक काउंसलर और उचित परामर्श या फिर डिप्रेशन से जुड़ी जानकारी बहुत जरूरी है।

आशा करता हूँ आज की जानकारी Depression Symptoms in hindi आपको जरुर पसंद आई होगी अगर असंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे | धन्यवाद !

Note :- दी गयी सभी जानकारी डिप्रेशन से जुड़े डाक्टरों/चिकित्सको के परामर्श और उनके दिए गए इंटरव्यूज़ और इन्टरनेट के माध्यम से ली गई है|

mAh full form in Hindi – जाने आखिर बैटरी की mAh का क्या मतलब होता है ?

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आपने अक्सर ही सुना होगा की Xiaomi ने पेश किया 5000 mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन या फिर Realme ने लांच किया 7000 mAh की बड़ी बैटरी का स्मार्टफोन| इस तरह की फ़ोन के बैटरी के बारे में आप सुनते ही रहते होंगे, लेकिन क्या आपने की इन बैटरी को mAh के रूप में बोलते है तो इसका क्या मतलब है ? या फिर क्या आप mAh full form in hindi के बारे में जानते हो |

अगर नही तो आज के इस ब्लॉग में मैं इसी टॉपिक पर बात करने वाला हूँ की बैटरी में mAh का क्या अर्थ है और mAh full form क्या है ? साथ ही मैं आपको यह भी बताऊंगा की आपके स्मार्टफोन के लिए कितने mAh  की बैटरी बढ़िया रहेगी|

mAh क्या है – mAh full form in Hindi

mAh के mAh full form अर्थ के बारे में बात करे तो mAh का मतलब होता है Milliampere-hour होता है अब अगर mAh को अलग अलग कर समझे तो m का मतलब होता है मिली (Milli) जिस प्रकार से हम तरल वस्तुओं को लीटर और मिलीलीटर में मापते है उसी प्रकार से यह करंट को मापने के लिए एक इकाई है इसके अलावा A का मतलब होता है एम्पीयर और h का मतलब होता है hour यानि की घंटे |

“mAh full form in Hindi – मिलीएम्पीयर घंटा (Milliampere-hour) 
mAh के रूप में बैटरी की कैपेसिटी को दर्शाया जाता है |”

आमतौर पर बैटरी की कैपेसिटी को mAh के रूप में दर्शाया जाता है जिसमे Ah का अर्थ होता है एम्पीयर घंटा इसके अलावा इसे आसानी से समझे तो A का अर्थ है एम्पीयर जो की करंट की एक इकाई है इसी के साथ h का अर्थ है ऑवर यानि की घंटे जो की समय की इकाई है जिसमे सभी को मिलाकर mAh बनता है जिसे बैटरी की यूनिट माना जाता है mAh full form अपने सरल शब्दों में कहे तो mAh का प्रयोग बैटरी की क्षमता को मापने के लिए किया जाता है |

mAh full form
mAh full form

बैटरी की कैपेसिटी को कैसे मापते है ?

स्मार्टफोन समेत सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में रिचार्जेबल बैटरी दी जाती है जिसे चार्ज करने के लिए आपको कुछ समय लग सकता है यह समय आपकी बैटरी की क्षमता अर्थात एम.ए.एच पर निर्भर करता है|

ऐसा अक्सर देखा गया है जब आप अपने स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग करते है तो उसकी बैटरी ज्यादा कर्च होती है मान लीजिए आपके फ़ोन में 2000 एम.ए.एच की बैटरी है और आपका फ़ोन 2000 मिलीएम्पीयर लेगा तो फ़ोन की बैटरी 1 घंटे चलेगी|
2000 mAh ÷ 2000 mA = 1 Hour 

वहीं अगर आपके फ़ोन की बैटरी 100 मिलीएम्पीयर लेगी तो आपके फ़ोन की बैटरी 20 घंटे चलेगी |
2000 mAh ÷ 100 mA = 20 Hour

आजकल के स्मार्टफोन और उनकी बैटरी :- 

स्मार्टफोन की बात की जाये और स्मार्टफोन की बैटरी की बात न हो ऐसा कैसे हो सकता है| ज्यादा mAh यानि ज्यादा पावरफुल बैटरी अर्थात जितना ज्यादा mAh उतना ही अधिक बैटरी चलेगी | mAh full form

आजकल के लोग जब भी स्मार्टफोन खरीदते है तो प्रोसेसर,कैमरा के साथ साथ स्मार्टफोन की बैटरी पर भी ज्यादा ध्यान देते है कि उस फ़ोन में कितने mAh की बैटरी है और कितना बैटरी बैकअप देती है| आमतौर पर फ़ोन की बैटरी की पॉवर को दर्शाने के लिए mAh का सहारा लिया जाता है |

ऐसा कहा जाता है कि ज्यादा mAh की बैटरी होगी तो ज्यादा पावरफुल होगी जैसे आजकल के स्मार्टफोन में आपको 5000 mAh, 7000 mAh की बैटरी मिलती है |

mAh full form – स्मार्टफोन की बैटरी कितने प्रकार की होती है ?

आजकल बाजार में कई तरह की बैटरी मौजूद है  लेकिन मौजूद वक्त में लिथियम आयन वाली बैटरी ज्यादातर स्मार्टफोन में इस्तेमाल की जा रही है| यह वजन में हल्की और आकार में छोटी है लेकिन इसकी कीमत की बात करे तो इसकी कीमत बाकि मौजूद बैटरी के मुकाबले अधिक होती है|

कुछ अन्य बैटरी के बारे में बात करे तो यह अलग अलग प्रकार की पाई जाती है जैसे

  • लिथियम पॉलिमर
  • निकेल कैडमियम
  • निकेल मेटल हाइड्राइड
  • न्यूलिथियम टेक्नोलॉजी

mAh full form in hindi
mAh full form in hindi

कितने mAh बैटरी का फ़ोन होता है बेस्ट :- 

मौजूदा वक्त में बहुत से स्मार्टफोन ब्रांड है जो अपने स्मार्टफोन में अलग अलग mAh की बैटरी देते है,लेकिज आज से कुछ साल पहले जब कीपैड वाले स्मार्टफोन हुआ करते थे और वह बैटरी 2 से 4 दिन चलती थी और अगर उसकी बैटरी की बात करे तो वह मात्र 150 mAh और 200 mAh होती थी |

आज कुछ स्मार्टफोन ब्रांड 2500 mAh बैटरी ऑफर करते है लेकिन कुछ स्मार्टफोन ब्रांड आपको 7000 mAh की बैटरी भी देते है| इसी के साथ अगर बात करे की आपके स्मार्टफोन में कितने mAh की बैटरी होनी चाहिए mAh full form तो मैं आपको बताना चाहूँगा की आपके स्मार्टफोन में 4000 mAh या फिर 5000 mAh की बैटरी होनी चाहिए यह आपको कम से कम एक दिन का बैटरी बैकअप दे देती है|

आखिरी शब्द :- 

अब अंत में मैं आपको बस यही कहना चाहूँगा की यह अलग बात है कि आपके फ़ोन में कितने mAh वाली बैटरी है लेकिन जरूरी यह है की वह बैटरी कितनी जल्दी ड्रेन अर्थात खर्च होती है अगर आपके फ़ोन की बैटरी की mAh कैपेसिटी कम है लेकिन बैटरी ड्रेन जल्दी नही होती तो आपका स्मार्टफोन लम्बे सम तक चलेगा|

इसी के साथ अगर आपके फ़ोन की mAh कैपेसिटी ज्यादा है लेकिन आपके फ़ोन की बैटरी जल्दी ड्रेन हो जाती है तो आपको कम बैटरी बैकअप मिलेगा जिसकी वजह से आपका स्मार्टफोन कम समय तक चलेगा | तो कुल मिलाकर आपके स्मार्टफोन की बैटरी कई प्रकार के कारणों पर निर्भर करती है|

तो आशा करता हूँ आज की यह जानकारी mAh full form in hindi आपको जरुर पसंद आई होगी अगर पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे और साथ ही विभिन्न प्रकार की full form के लिए हमारे अन्य लेखो को देखे | धन्यवाद !