Water Pollution in Hindi – जल प्रदुषण क्या है इसके क्या कारण है और इसकी रोकथाम कैसे होगी

4
Water Pollution in Hindi
Share with your friends.

प्रदुषण एक वैश्विक समस्या है जिसके बारे में बात तो सब करते है लेकिन इसके निवारण और रोकथाम के लिए कोई भी कार्य नही करना चाहता हर कोई इसे दुसरो के ऊपर या फिर सरकार के ऊपर थोप कर अपना पल्ला झाड लेते है | प्रकृति में मानव को सबसे ज्यादा समझदार और सक्षम समझा जाता है लेकिन मानव स्वयं ही प्रकृति के विनाश का कारण बनता जा रहा है | मानव द्वारा निर्मित कई प्रकार की मानव निर्मित समस्याएं है जिससे प्रकृति प्रभावित हो रही है उसमे सबसे ज्यादा है “प्रदुषण” आज मै आपको Water Pollution in Hindi – जल प्रदुषण क्या है  इसके क्या कारण है और इसकी रोकथाम कैसे होगी इसके बारे में बात करने वाला हूँ|

प्रदुषण की बात करे तो आज हर प्रकार का प्रदुषण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है प्रदुषण के प्रकार की बात करे तो यह विभिन्न प्रकार है जिसमे कुछ मुख्य है जल प्रदुषण,वायु प्रदुषण,भूमि प्रदुषण,ध्वनी प्रदुषण आदि |

आज हम जल प्रदुषण के बारे में विभिन्न बिन्दुयो पर चर्चा करेंगे और जानेंगे इसके कारणों के बारे में साथ ही साथ इसकी रोकथाम के लिए मै अपने कुछ सुझाव भी आपके सामने पेश करूँगा तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जान लेते है :-

प्रदुषण क्या है ?

ऐसी प्रक्रिया जिसमे वायु,जल और भूमि प्राकृतिक और मानव द्वारा प्रभावित होते है और प्रदूषित होते है ऐसी प्रक्रिया को प्रदुषण कहते है |

सरल शब्दों में समझे तो जब जल,वायु और भूमि प्राकृतिक और मानवीय कारणों द्वारा प्रदूषित होती है तो यह प्रदुषण कहलाता है यह सभी अलग अलग कारणों से प्रदूषित होते है लेकिन सभी के प्रदूषित होने में मानव की एक एहम भूमिका है| प्रदुषण के कारणों की बात करे तो प्रदुषण का सबसे बड़ा कारण मानव है | अपनी जरूरत के आधार पर मानव कार्य करता है लेकिन वह अपने कृत्य से प्रकृति को क्या नुकसान हो रहा है यह भूल जाता है |

Water Pollution in Hindi – जल प्रदुषण क्या है ?

जब स्वच्छ जल में कुछ अवांछित पदार्थ या प्रदूषक मिलकर स्वच्छ जल को प्रदूषित कर देते है जिससे वह जल पीने अथवा इस्तेमाल करने योग्य नही रह जाता तो उसे प्रदूषित जल अथवा जल प्रदुषण कहते है | जल प्रदुषण मानवीय और प्राकर्तिक दोनों कारणों से होता है |

आज Water Pollution in Hindi एक बड़ी समस्या है जब मानव द्वारा जल को दूषित किया जाता है तो इसे मानवीय कारण कहा जाता है और जब प्राकृतिक रूप से जल दूषित होता है तो इसे प्राकृतिक कारण कहा जाता है | इन दोनों के कई कारण है अगर मानवीय कारण की बात करे तो आज मानव कूड़ा कचरा,मल मूत्र आदि सभी नालो के माध्यम से नदियों में बहा देता है तो नदियों का जल दूषित हो जाता है |

अब प्राकृतिक कारणों की बात करे तो जब बाढ़ और भूस्खलन होता है तो बड़ी मात्रा में कीचड़ और मलबा,मिट्टी आदि बहकर नदी में चले जाते है जिससे नदियों का जल दूषित हो जाता है |

प्रदूषक क्या है ?

प्रदूषक,वह अवांछित पदार्थ होते है जो शुद्ध जल,वायु और भूमि को दूषित करते है और उन्हें अशुद्ध कर देते है जिससे उसे इस्तेमाल नही किया जा सकता प्रदूषक कहलाते है,यह कई प्रकार के होते है | यह जल में मिलकर जल को अशुद्ध कर देते है जिससे वह पीने अथवा अन्य कार्य करने के लायक नही रह जाता है |

इसके अलावा यह वायु में मिलकर वायु को भी दूषित कर देते है जिसेक कारण आयु में कार्बन डाइऑक्साइड,मीथेन आदि जैसी अन्य और भी जहरीली गैसे मिल जाती है जिससे वायु में मौजूद ऑक्सीजन अशुद्ध हो जाती है |इसी के साथ यह अवांछित पदार्थ अथवा प्रदूषक भूमि में मिलकर भूमि को भी दूषित करते है यह भूमि की उर्वरा शक्ति को खत्म कर देते है जिससे भूमि की उपजाऊ शक्ति खत्म हो जाती है और भूमि बंजर हो जाती है इसी स्तिथि में भूमि को छोड़ना पड़ता है|

प्रदुषण के प्रकार :-

आज मै आपको प्रदुषण के प्रकार के बारे में बताऊंगा जिससे आप यह आसानी से समझ सके की प्रदुषण किस प्रकार फैलता है और इसके क्या क्या प्रकार है :- Water Pollution in Hindi

1.जल प्रदुषण

जल प्रदुषण से अभिप्राय है झील,नदियों,समुद्र और भूजल का दूषित होना जिसके परिणामस्वरूप वह पीने और अन्य कार्य करने योग्य न रह जाये | जल प्रदुषण का मुख्य कारण है मानव या जानवरों का जैविक और औद्योगिक  क्रियाओ से पैदा हुए प्रदूषको का बिना किसी उपाय के सीधे उसे नदी और तालाबो में विसर्जित कर देना जल प्रदुषण है | जल प्रदुषण विभिन्न प्रकार के हानिकारक पदार्थो के मिलने से जल प्रदुषण होता है |

पानी अथवा जल  को प्रदूषित करने वाले पदार्थो की अगर बात करे तो सड़े-गले खाद्य पदार्थ,दूषित जल,मानव और जानवरों का मल-मूत्र,औद्योगिक जल का सीधे साफ पानी में विसर्जन जल प्रदुषण का कारण है |

2. वायु प्रदुषण

वायु प्रदुषण की अगर बात करे तो शुद्ध वातावरण में औद्योगिक चिमनियो और यातायात के वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं जो वातावरण को दूषित करता है जिसके कारण अनेक प्रकार की जहरीली ह=गैस ऑक्सीजन के साथ मिल जाती है और उसे भी अशुद्ध कर देती है |

इसके कारणों के बात करे तो वाहनों का धुआं,चिमनी का धुआं,मानव द्वारा जंगलो में लगायी गई आग,कूड़े कचरे में लगायी गई आग जिससे बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होती है Water Pollution in Hindi और वही वातावरण को प्रदूषित करती है इसके अलावा और भी बहुत से कारण है जिसके कारण वायु प्रदुषण होता है |

3.भूमि अथवा मृदा प्रदुषण

कुछ अवांछित पदार्थ अथवा प्रदूषक भूमि में मिलकर भूमि को भी दूषित करते है यह भूमि की उर्वरा शक्ति को खत्म कर देते है जिससे भूमि की उपजाऊ शक्ति खत्म हो जाती है और भूमि बंजर हो जाती है इसी स्तिथि में भूमि को छोड़ना पड़ता है और वह भूमि कृषि योग्य नही रह जाती जिसके कारण इससे सबसे ज्यादा किसान प्रभावित होते है |

अब बात करते है भूमि प्रदुषण कैसे होता है तो आपने अक्सर ही देखा होगा जहाँ जहाँ पर औद्योगिक क्षेत्र होते है वहां से बड़ी मात्रा में राख निकलती है क्योकि औधोगिक क्षेत्रो में वस्तुओ के निर्माण के बाद कुछ अपशिष्ट पदार्थ जैसे राख,मिट्टी कचरा आदि निकलता है |

उसे खुले स्थान पर छोड़ दिया जाता है जिसके कारण वहां की मिट्टी में उर्वरा क्षमता खत्म हो जाती है और इसी के साथ बारिश के समय यही राख बारिश के पानी के साथ बहकर नदी के सहारे दूर दराज के इलाको तक पहुच जाती है र वहां भी भूमि की उर्वरता को समाप्त कर देती है|

4.ग्लोबल वार्मिंग

बढ़ते प्रदुषण के चलते Water Pollution in Hindi और साथ ही ग्रीन हाउस गैस के कारण एक और समस्या तेजी से बढ़ रही है जो की है ग्लोबल वार्मिंग | ग्लोबल वार्मिंग की अगर बात करे तो यह पृथ्वी के सामान्य तापमान में दिन प्रतिदिन हो रही वृद्धी है जिसके कारण पृथ्वी का सामान्य तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और पृथ्वी गर्म होती जा रही है यह ग्लोबल वार्मिंग के कारण है|

जल प्रदुषण के कारण :-

तो चलिए अब बात करते है जल प्रदुषण के प्रमुख कारणों के बारे में और आगे में आपको जल प्रदुषण की रोकथाम के कुछ सुझाव के बारे में भी बताऊंगा जिससे अगर सभी लोग इन बातो का ख्याल रखे तो जल प्रदुषण में बहुत कमी आयेगी :-

1.प्राकृतिक कारण

हवा में उपस्थित धूल और गैस के कणों का वर्षा के साथ मिलकर अम्ल वर्षा करना प्रदुषण का एक कारण है | जब हवा में मौजूद धूल के कण और अनेक प्रकार की जहरीली गसे वर्षा के जल में घुल जाती है और वर्षा के बाद वह बूंद बनकर धरती पर आती है और नदियों झीलों में मिल जाती है जिससे वह जल भी दूषित हो जाता है इसके अलावा भूस्खलन के बाद मिट्टी और कचरे का नदी के पानी में मिलना भी प्राकृतिक कारण है जिससे प्रदुषण होता है |

2.रोग जनक जीवाणु

आप जानते होंगे की सूक्ष्म जीव जिन्हें हम नग्न आँखों से देख नही सकते यह हवा में मौजूद होते है इसके अलावा यह जल में भी मौजूद होते है यह रोगजनक कहलाते है क्योकि इनमे विषाणु,जीवाणु और परिजीवी शामिल होते है यह खाद्य पदार्थो अथवा मृत जीवो को खाते है | जब पानी में कोई जीव मर जाता है तो यह उसे खाते है और जीव के मरने के बाद वह पानी भी दूषित हो जाता है और यदि उस जल को आप इस्तेमाल करते है तो आप भी बीमार पैड सकते है |

3.हानिकारक और दूषित जल

सभी कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थ जो नदियों में मिल जाते है प्रदुषण का कारण बनते है इनमे कपड़ो और बर्तनों की धुलाई का पानी,नहाने का दूषित पानी, मानव और जानवरों का मल-मूत्र,सड़े-गले पदार्थ आदि सभी पानी के साथ मिलकर पानी को अशुद्ध कर देते है |

इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रो में बड़े स्तर पर अपशिष्ट जल को सीधा नदियों में बहा दिया जाता है जिससे नदियों में मौजूद जलीय जीव मर जाते है और उनके शव पानी में ही सड़ते है जिससे जल प्रदूषित हो जाता है | Water Pollution in Hindi

इसी के साथ पेट्रोलियम पदार्थो का रिसाव भी जल प्रदुषण का एक बड़ा कारण है | पेट्रोलियम पदार्थ का आयत और निर्यात समुद्री मार्गो के माध्यम से किया जाता है कई बार जहाजो से रिसाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थ समुद्र में फ़ैल जाते है या फिर कभी कभी जहाज ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है और डूब जाते है जिससे सारा पेट्रोलियम समुद्र में बह जाता है और समुद्र में बड़े क्षेत्र में जल प्रदुषण की समस्या बन जाती है |

4.उष्मीय प्रदुषण

कई बार उद्योगों और कारखानों में वस्तुओ को बनाने और उन्हें गर्म करके पिघलाने की जरूरत पडती है और बनने के बाद उस वस्तु को ठंडा करने के लिए जल की आवश्कता पडती है जिसके लिए बड़ी मात्रा में जल का प्रयोग किया जाता है और ठंडा करने के बाद उस जल को सीधा नदियों में छोड़ दिया जाता है | उस  जल के कारण नदी तालाब आदि प्रदूषित होते है Water Pollution in Hindi और उस दूषित जल को यदि कोई जानवर पीते है तो वह मर जाते है |

जल प्रदुषण की रोकथाम और इस पर नियंत्रण :-

जल प्रदुषण की रोकथाम अति आवश्यक है यदि ऐसा नही हुआ तो आप बखूबी जाते है की “जल ही जीवन है” यदि शुद्ध जल ही नही होगा तो पृथ्वी पर जीवन ही संभव नही होगा,तो आइये जल प्रदुषण की रोकथाम के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातो को जानते है :-

1.दूषित जल का उपचार

जल प्रदुषण की समस्या की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी है नियमित रूप से नालियों और नालो की सफाई होनी चाहिए और नालियों का पानी नदी,तालाब में न छोड़कर सीवेज के माध्यम से एक अलग और खुले खेत्र में छोड़ना चाहिए जहाँ पर खुला मैदान या फिर बंजर जगह हो | मानव मल-मूत्र भी नदी तालाब में बहाने से बड़ी मात्रा में जल प्रदुषण होता है मलमूत्र के लिए टैंक आदि का उपयोग करना चाहिए आप भूमि में टैंक बनवा सकते है |

2.औद्योगिक अपशिष्ट को रोकना

कई उद्योग वस्तु के निर्माण के बाद शेष बची हुई सामग्री को किसी भी कार्य में नही लाते है और उसे नदी या फिर खुले स्थानों में छोड़ देते है और वह वर्षा के जल के साथ बहकर नदी तालाबो में मिल जाती है और उसे दूषित करती है | औद्योगिक  अपशिष्ट पदार्थो को सही ढंग से नष्ट करना चाहिए |Water Pollution in Hindi  कुछ उद्योग इसका पालन करते है और बची हुई सामग्री को अपने बाकि कार्यो में इस्तेमाल कर लेते है |

3.मृत जीव

मृत जीवो और मनुष्यों के शवो को जल में नहीं डालना चाहिए क्योकि यह शव जल में सड़ने लगते है और इससे जल प्रदुषण होता है आप शव को जमीन में दबा दे या फिर उसे जला दे इससे यह पूरी तरह से समाप्त हो जायेंगे और उससे जल भी दूषित नही होगा |

4.कूड़ा-कचरा जल में न फेके

आप कूड़ा कचरा को नदी,तालाब या फिर नालो में न फेके कूड़े को कूड़ेदान में ही फेके| प्लास्टिक की थैलियाँ,बैग इत्यादि यह सडती या गलती नही है जिससे यदि आप इन्हें पानी में फेकते है तो यह पानी की सतह पर ही तैरती है जिसके कारण इसमे मौजूद कूड़ा पानी के ऊपर एक सतह बना लेता है,और नदी नाले में पानी रुक जाता है और प्रदुषण की समस्या होती है,अर्थात आप कूड़े को अपने घर में कूड़ेदान में डाले और आपके इलाके में नगर निगम की तरफ से कूड़े के लिए वाहन चलये जाते है आप उसमे कूड़ा डाले |

निष्कर्ष

समस्या कोई भी अगर मानव सुनियोजित तरीके से कार्य करे तो किसी भी प्रकार की कोई समस्या पैदा ही न हो लेकिन आज हर कोई अपनी गलती दुसरो पर डाल देता है,यह गलत है पृथ्वी एकमात्र ऐसा गृह है जहाँ पर जीवन सम्भव है अर्थात हमे इसे संभाल कर अपने आने वाले कल के बारे में सोचकर रखना चाहिए | आज हम जो भी करेंगे उसका परिणाम भविष्य में हमारे बाद अगली पीढ़ी को देखना पड़ेगा |

तो पृथ्वी को हमे स्वच्छ और साफ सुथरी रखनी है तो आइये प्रण लेते है की हम पृथ्वी को अपने कल के लिए साफ और स्वच्छ रखेंगे और प्रदुषण को कम करने के लिए अपने स्तर पर कार्य करेंगे और आस पास के लोगो को भी समझाएँगे | तो आशा करता हूँ आज की यह जानकारी Water Pollution in Hindi आपको पसंद आई होगी अगर पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे | धन्यवाद !

4 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here